
GBP/USD ने पिछले सप्ताह उसी तरह ट्रेड किया जैसा EUR/USD ने किया था। इसलिए हम लगभग वही निष्कर्ष निकाल सकते हैं।
पूरे सप्ताह बाजार ने फंडामेंटल्स, मैक्रोइकोनॉमिक डेटा और यहां तक कि भू-राजनीतिक घटनाओं को भी लगभग नजरअंदाज किया और केवल शुक्रवार को आए अमेरिका के मजबूत लेबर मार्केट (Non-Farm Payrolls) रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी। इसलिए, हमारे अनुसार ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की आगे की मजबूती भी अब सवालों के घेरे में है।
अब ध्यान नए सप्ताह पर
अब समय है नए सप्ताह पर ध्यान केंद्रित करने का। पिछले सभी मैक्रोइकोनॉमिक रिपोर्ट्स और घटनाओं को विस्तार से देखने का ज्यादा मतलब नहीं है, क्योंकि बाजार उनमें से लगभग 90% को नजरअंदाज कर रहा है। इसलिए हम केवल दो सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं पर ध्यान देंगे।
1. यूरोपीय सेंट्रल बैंक की बैठक
European Central Bank की बैठक एक अहम घटना है।
यह सवाल उठता है कि इसका ब्रिटिश पाउंड से क्या संबंध है?
- यदि यूरो ECB की बैठक पर प्रतिक्रिया देता है, तो वह GBP को भी प्रभावित कर सकता है
- दूसरा, यह समझना जरूरी है कि क्या मौद्रिक नीति (monetary policy) सख्त होने पर बाजार प्रतिक्रिया देगा
वर्तमान में बाजार इस फैक्टर को ज्यादा महत्व नहीं दे रहा है, क्योंकि हाल के हफ्तों में EUR/USD या तो साइडवेज रहा है या डॉलर मजबूत हुआ है। अगर यह घटना भी नजरअंदाज होती है, तो इसका मतलब होगा कि बाजार अभी भी मुख्य रूप से केवल भू-राजनीति पर ध्यान दे रहा है, और वह भी केवल बड़े और पुष्ट समाचारों पर।
2. अमेरिकी महंगाई (Inflation) रिपोर्ट
इस सप्ताह दूसरा महत्वपूर्ण इवेंट है अमेरिका का मई महीने का मुद्रास्फीति (inflation) डेटा।
विशेषज्ञों के अनुसार CPI:
- 3.8% से बढ़कर लगभग 4.0% – 4.2% तक जा सकता है
यह लगातार तीसरी बार महंगाई में बढ़ोतरी होगी, जिसे Federal Reserve नजरअंदाज नहीं कर सकती।
हाल के फेड (FOMC) सदस्यों के बयान बताते हैं कि फिलहाल "wait and watch" की नीति सही है। लेकिन अगर महंगाई लंबे समय तक बढ़ती रही, तो यह जोखिम है कि स्थिति बहुत ज्यादा बिगड़ सकती है।
भू-राजनीतिक जोखिम और महंगाई
यदि मध्य पूर्व में संघर्ष और बढ़ता है, खासकर यदि ईरान Bab-el-Mandeb Strait जैसे शिपिंग रूट को प्रभावित करता है, तो:
- ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी
- महंगाई और बढ़ेगी
- और 4.2% का स्तर मामूली लगने लगेगा
इस स्थिति में फेड को मौद्रिक नीति सख्त करनी पड़ सकती है, जिससे अमेरिकी डॉलर को सपोर्ट मिलेगा।
निष्कर्ष
अगले कुछ हफ्तों में डॉलर का भविष्य काफी हद तक अनिश्चित घटनाओं पर निर्भर करेगा:
- फेड कब ब्याज दर बढ़ाने पर विचार करेगा
- महंगाई किस स्तर तक जाती है
- ईरान-अमेरिका तनाव कब और कैसे खत्म होगा
- और शिपिंग रूट्स कब सामान्य होंगे
इसलिए बाजार की प्रतिक्रिया पूरी तरह परिस्थितियों पर आधारित (situational) रहेगी।

GBP/USD की पिछले 5 ट्रेडिंग दिनों (7 जून तक) की औसत वोलैटिलिटी लगभग 73 पिप्स रही है, जिसे इस जोड़ी के लिए "औसत (average)" माना जाता है।
सोमवार, 8 जून को अनुमान है कि यह जोड़ी 1.3267 से 1.3413 के बीच मूव कर सकती है।
ऊपरी linear regression channel ऊपर की ओर मुड़ गया है, जो यह संकेत देता है कि अपट्रेंड (upward trend) में रिकवरी हो रही है।
CCI Indicator ओवरबॉट ज़ोन में प्रवेश कर चुका है, जो यह चेतावनी देता है कि डाउनट्रेंड खत्म होने की संभावना हो सकती है।
निकटतम सपोर्ट लेवल:
- S1 – 1.3306
- S2 – 1.3245
- S3 – 1.3184 निकटतम रेजिस्टेंस लेवल:
- R1 – 1.3367
- R2 – 1.3428
- R3 – 1.3489
ट्रेडिंग सिफारिशें:
GBP/USD ने हाल ही में अपना डाउनवर्ड मूवमेंट फिर से शुरू किया है।
Donald Trump की नीतियां अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव डालती रहेंगी, इसलिए लंबी अवधि में डॉलर की मजबूत ग्रोथ की उम्मीद कम है। हालांकि, 2026 में भू-राजनीतिक कारणों से डॉलर मजबूत बना हुआ है।
- यदि कीमत मूविंग एवरेज से ऊपर हो, तो लॉन्ग पोजीशन ली जा सकती है: टारगेट 1.3489 और 1.3550
- यदि कीमत मूविंग एवरेज से नीचे हो, तो शॉर्ट पोजीशन ली जा सकती है: टारगेट 1.3306 और 1.3267
बाजार की स्थिति तेजी से बदलती रहती है और यह मुख्य रूप से भू-राजनीतिक खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहा है, जो लगातार एक जैसी नहीं होती।
संकेतकों की व्याख्या:
- Linear Regression Channel ट्रेंड की दिशा और मजबूती बताता है
- Moving Average (20,0 smoothed) शॉर्ट-टर्म ट्रेंड निर्धारित करता है
- Murray Levels प्राइस टारगेट और रिवर्सल ज़ोन बताते हैं
- Volatility Levels अगले 24 घंटे का संभावित प्राइस रेंज दिखाते हैं
- CCI Indicator ओवरबॉट/ओवरसोल्ड स्थिति दिखाकर संभावित रिवर्सल का संकेत देता है