बुधवार के ट्रेड्स का विश्लेषण:
EUR/USD पेअर का 1-घंटे (1H) चार्ट

EUR/USD करेंसी पेअर ने बुधवार के ट्रेडिंग सत्र के दौरान किसी भी दिशा में बढ़ने की पूरी तरह अनिच्छा दिखाई। न तो भू-राजनीतिक घटनाक्रम और न ही फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स (Minutes) बाजार में 20 पिप्स से अधिक की कोई उल्लेखनीय चाल पैदा कर सके। हमारा मानना है कि दिनभर की प्रमुख घटनाओं पर बाजार की प्रतिक्रिया लगभग न के बराबर रही, क्योंकि जब पूरे दिन की कुल मूवमेंट 40 पिप्स से भी कम हो, तो किसी विशेष घटना के प्रभाव को स्पष्ट रूप से पहचानना बेहद कठिन होता है। दूसरे शब्दों में, 40 पिप्स की दैनिक वोलैटिलिटी सामान्य "मार्केट नॉइज़" मानी जाती है। स्पष्ट ट्रेंड की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि बाजार फिलहाल फ्लैट (Flat) स्थिति में है।
इसके बावजूद, कल मध्य पूर्व की स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई। आगे की वार्ताएं एक बार फिर विफल होने के खतरे में हैं। तेल की कीमतों में लगभग 10 डॉलर की बढ़ोतरी हुई और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा बंद होने की आशंका भी बनी हुई है। इसलिए औपचारिक रूप से ऐसे कई कारण मौजूद हैं, जिनकी वजह से बाजार फिर से अमेरिकी डॉलर की खरीदारी कर सकता है।
हालांकि, हमारा मानना है कि भू-राजनीतिक जोखिम और फेड द्वारा संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना को बाजार पहले ही काफी हद तक अपनी कीमतों में शामिल कर चुका है। ऐसे में अमेरिकी डॉलर में आगे की बढ़त अब मुख्य रूप से जड़त्व (Inertia) और तकनीकी कारकों के कारण ही जारी रह सकती है।
EUR/USD पेअर का 5-मिनट (5M) चार्ट

5-मिनट (5M) टाइमफ्रेम पर बुधवार को एक Sell सिग्नल बना। यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान कीमत 1.1420–1.1432 के क्षेत्र से उछली, जिससे नए ट्रेडर्स के लिए शॉर्ट पोजीशन खोलने का अवसर मिला। सिग्नल बनने के बाद पेअर लगभग 15 पिप्स नीचे गया। हालांकि, शाम तक यह फिर से अपने शुरुआती स्तर पर लौट आया।
गुरुवार को ट्रेड कैसे करें:
1-घंटे (1H) टाइमफ्रेम पर दो महीने से चला आ रहा डाउनट्रेंड अभी भी बरकरार है और पिछले कुछ हफ्तों में केवल एक कमजोर ऊपरी करेक्शन देखने को मिला है। तकनीकी रूप से अमेरिकी डॉलर के पास दोबारा मजबूत होने की पूरी संभावना है। हालांकि, पिछले दो महीनों की बढ़त के बाद हमें डॉलर की मजबूती के लिए कोई ठोस फंडामेंटल, मैक्रोइकोनॉमिक या भू-राजनीतिक कारण नहीं दिखते। फिर भी ट्रेंड अभी कायम है और यह करेक्शन किसी भी समय समाप्त हो सकता है।
गुरुवार को यदि कीमत 1.1420–1.1432 के क्षेत्र से उछलती है, तो नए ट्रेडर्स 1.1354–1.1363 के लक्ष्य के साथ Sell पोजीशन खोल सकते हैं। वहीं, यदि पेअर 1.1420–1.1432 के क्षेत्र के ऊपर निकल जाता है, तो 1.1527–1.1531 के लक्ष्य के साथ Buy पोजीशन खोली जा सकती है।
5-मिनट (5M) टाइमफ्रेम पर ध्यान देने योग्य प्रमुख स्तर हैं:
1.1292, 1.1354–1.1363, 1.1420–1.1432, 1.1527–1.1531, 1.1584–1.1594, 1.1655–1.1666, 1.1745–1.1754 और 1.1830–1.1837।
गुरुवार को अमेरिका और यूरोपीय संघ में कोई महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट या प्रमुख इवेंट निर्धारित नहीं है। जर्मनी और अमेरिका में जारी होने वाली कुछ द्वितीयक (Secondary) रिपोर्टों को बाजार संभवतः नजरअंदाज करेगा। जैसा कि बुधवार को देखा गया, बाजार ने भू-राजनीतिक घटनाओं पर भी कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी।
ट्रेडिंग सिस्टम के मूल नियम:
- किसी सिग्नल की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि बाउंस या ब्रेकआउट बनने में कितना समय लगा। जितना कम समय लगेगा, सिग्नल उतना ही मजबूत माना जाएगा।
- यदि किसी स्तर पर दो या अधिक ट्रेड गलत (False) सिग्नल के कारण खुल चुके हों, तो उसी स्तर से मिलने वाले बाद के सभी सिग्नलों को नजरअंदाज करना चाहिए।
- फ्लैट मार्केट में कोई भी करेंसी पेअर कई गलत सिग्नल दे सकता है या फिर कोई सिग्नल नहीं दे सकता। ऐसे समय तकनीकी स्तरों को भी बाजार नजरअंदाज कर सकता है।
- 1-घंटे (1H) टाइमफ्रेम पर MACD इंडिकेटर के सिग्नल तभी इस्तेमाल करें, जब बाजार में अच्छी वोलैटिलिटी हो और ट्रेंड की पुष्टि ट्रेंड लाइन या चैनल से होती हो।
- यदि दो तकनीकी स्तरों के बीच केवल 5 से 20 पिप्स का अंतर हो, तो उन्हें एक सपोर्ट या रेजिस्टेंस ज़ोन माना जाना चाहिए।
- यदि कीमत ट्रेड की दिशा में 15 पिप्स बढ़ जाती है, तो स्टॉप लॉस (Stop Loss) को ब्रेक-ईवन पर सेट कर देना चाहिए।
चार्ट पर क्या दर्शाया गया है?
- सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर वे क्षेत्र हैं जहां से Buy या Sell पोजीशन खोली जा सकती है या जहां से ट्रेडिंग सिग्नल प्राप्त हो सकते हैं।
- लाल रेखाएं ट्रेंड लाइन या चैनल को दर्शाती हैं, जो मौजूदा ट्रेंड और ट्रेडिंग की संभावित दिशा बताते हैं।
- MACD इंडिकेटर (14,22,3) — जिसमें हिस्टोग्राम और सिग्नल लाइन शामिल हैं — एक सहायक इंडिकेटर है, जिसका उपयोग अतिरिक्त ट्रेडिंग सिग्नल प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण जानकारी:
न्यूज़ कैलेंडर में शामिल महत्वपूर्ण भाषण और आर्थिक रिपोर्टें करेंसी पेअर्स की चाल पर बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए इनके जारी होने के समय बेहद सावधानी से ट्रेड करना चाहिए या तेज़ उलटफेर के जोखिम से बचने के लिए बाजार से बाहर निकल जाना चाहिए।
फॉरेक्स बाजार में नए ट्रेडर्स को हमेशा यह याद रखना चाहिए कि हर ट्रेड लाभदायक नहीं होता। एक स्पष्ट ट्रेडिंग रणनीति विकसित करना और मनी मैनेजमेंट के नियमों का पालन करना ही लंबे समय में सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।