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FX.co ★ GBP/USD: 14 जुलाई का विश्लेषण – महंगाई के आंकड़े और केविन वॉर्श का भाषण तय करेंगे डॉलर की दिशा।

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विदेशी मुद्रा विश्लेषण:::2026-07-14T07:05:56

GBP/USD: 14 जुलाई का विश्लेषण – महंगाई के आंकड़े और केविन वॉर्श का भाषण तय करेंगे डॉलर की दिशा।

GBP/USD: 14 जुलाई का विश्लेषण – महंगाई के आंकड़े और केविन वॉर्श का भाषण तय करेंगे डॉलर की दिशा।

पिछले दो सप्ताह में GBP/USD मुद्रा जोड़ी लगभग 300 पिप्स चढ़ चुकी है, लेकिन क्या ब्रिटिश पाउंड की यह तेजी आगे भी जारी रहेगी? हमारा मानना है कि हालिया तेजी पूरी तरह से "पिछली घटनाओं के प्रभाव" के कारण उचित थी। दूसरे शब्दों में, 2026 में अमेरिकी डॉलर हर घटना का अधिकतम लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है और उसकी मजबूती हमेशा पूरी तरह उचित नहीं रही है। इसके अलावा, उच्च समयावधि (Higher Timeframes) के चार्ट पर यह जोड़ी लगभग एक वर्ष से साइडवेज़ (Flat) दायरे में बनी हुई है। इसलिए 1.3150–1.3780 के बीच होने वाली कोई भी चाल स्वाभाविक और अपेक्षित मानी जा सकती है। इसी कारण ब्रिटिश पाउंड की हालिया तेजी हमें आश्चर्यजनक नहीं लगती।

इस सप्ताह बाजार का पूरा ध्यान दो प्रमुख घटनाओं पर रहेगा। पहली, आज जून महीने की अमेरिकी महंगाई (Inflation) रिपोर्ट जारी होगी। दूसरी, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श (Kevin Warsh) अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करेंगे। खास बात यह है कि उनका भाषण महंगाई के आंकड़े जारी होने के अगले दिन होगा, जिससे उन्हें अपने बयान में सबसे ताज़ा आर्थिक आंकड़ों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।

बाजार के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2026 में फेडरल रिजर्व आगे क्या कदम उठाएगा। पिछले महीने केविन वॉर्श ने कहा था कि अमेरिका में मौजूदा महंगाई का स्तर स्वीकार्य नहीं है। बाजार के कई प्रतिभागियों ने इसे इस संकेत के रूप में देखा कि फेड आने वाले समय में कई बार ब्याज दरें बढ़ा सकता है। हालांकि हमारा मानना है कि फेड बिना पर्याप्त कारणों के मौद्रिक नीति को और सख्त नहीं करेगा, लेकिन आगे का फैसला काफी हद तक महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगा।

जुलाई की शुरुआत में आए आंकड़ों से पता चला कि अमेरिकी श्रम बाजार (Labor Market) की गति फिर धीमी पड़ रही है। यदि इसके साथ-साथ महंगाई में भी गिरावट आती है, तो फेड को कुछ राहत मिलेगी क्योंकि ऐसी स्थिति में आक्रामक मौद्रिक नीति अपनाए बिना भी महंगाई धीरे-धीरे कम हो सकती है। लेकिन यदि महंगाई बहुत धीमी गति से घटती है या बिल्कुल नहीं घटती, तो फेड को कम से कम एक या दो बार ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार करना पड़ सकता है।

इस प्रकार, बुधवार को केविन वॉर्श के पास जून की महंगाई के पूरे आंकड़े उपलब्ध होंगे और उनके भाषण से यह अंदाजा लगाया जा सकेगा कि तेल और गैस की कीमतों में गिरावट के बावजूद फेड महंगाई में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद कर रहा है या नहीं।

यदि वॉर्श फिर से यह कहते हैं कि मौजूदा महंगाई अस्वीकार्य है और जून के आंकड़े भी निराशाजनक रहते हैं, तो फेड के मौद्रिक नीति को और सख्त करने की तैयारी करने की संभावना बढ़ जाएगी।

ऐसी स्थिति में क्या अमेरिकी डॉलर मजबूत होगा? यह ध्यान रखना चाहिए कि बाजार पहले ही जून की फेड बैठक के बाद संभावित ब्याज दर वृद्धि (Rate Hike) की संभावना को काफी हद तक कीमतों में शामिल कर चुका है। इसलिए हमें अमेरिकी डॉलर में बहुत बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है। हालांकि, मंगलवार और बुधवार को डॉलर की मांग बढ़ सकती है, जिससे GBP/USD में एक स्वाभाविक नीचे की ओर करेक्शन (Correction) देखने को मिल सकता है।

फिलहाल हम अन्य घटनाओं को अधिक महत्व नहीं देंगे। बाजार अब भू-राजनीतिक घटनाओं पर पहले जैसी प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है, जबकि ब्रिटेन से इस सप्ताह केवल कुछ अपेक्षाकृत कम प्रभाव वाले आर्थिक आंकड़े जारी होने हैं। हमारी राय में, बाजार अभी भी लंबे समय से बने साइडवेज़ (Flat) ट्रेंड के प्रभाव में है और इसी कारण हम मानते हैं कि लंबी अवधि में ब्रिटिश पाउंड की मजबूती का रुझान जारी रह सकता है।

GBP/USD: 14 जुलाई का विश्लेषण – महंगाई के आंकड़े और केविन वॉर्श का भाषण तय करेंगे डॉलर की दिशा।

14 जुलाई तक पिछले पांच कारोबारी दिनों में GBP/USD मुद्रा जोड़ी की औसत अस्थिरता (Average Volatility) 60 पिप्स रही है, जिसे "मध्यम से कम (Medium-Low)" श्रेणी में रखा जाता है। मंगलवार, 14 जुलाई को इस जोड़ी के 1.3321 से 1.3441 के बीच कारोबार करने की संभावना है। ऊपरी रैखिक प्रतिगमन चैनल (Upper Linear Regression Channel) नीचे की ओर झुका हुआ है, जो मंदी (Bearish Trend) के जारी रहने का संकेत देता है। CCI (Commodity Channel Index) संकेतक दो बार ओवरसोल्ड (Oversold) क्षेत्र में पहुंच चुका है और दो बुलिश डाइवर्जेंस (Bullish Divergences) बना चुका है, जो गिरावट के रुझान के समाप्त होने की संभावना का संकेत देते हैं। हालांकि, अब CCI ने एक बेयरिश डाइवर्जेंस (Bearish Divergence) भी बना लिया है।

निकटतम सपोर्ट स्तर (Support Levels)

  • S1: 1.3367
  • S2: 1.3306
  • S3: 1.3245

निकटतम रेजिस्टेंस स्तर (Resistance Levels)

  • R1: 1.3428
  • R2: 1.3489
  • R3: 1.3550

ट्रेडिंग सुझाव

GBP/USD फिलहाल डाउनट्रेंड (Downtrend) में बना हुआ है, जिसे बड़े अपट्रेंड (Uptrend) के भीतर एक करेक्शन (Correction) माना जा रहा है। यह दैनिक (Daily) और साप्ताहिक (Weekly) चार्ट पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

डॉलर के लिए दीर्घकालिक मौलिक (Fundamental) परिदृश्य अभी भी नकारात्मक है, लेकिन 2026 में पहले भू-राजनीतिक घटनाओं (Geopolitics) और उसके बाद फेडरल रिजर्व (Fed) के सख्त मौद्रिक रुख (Hawkish Stance) ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत समर्थन दिया है।

  • यदि कीमत मूविंग एवरेज (Moving Average) से नीचे रहती है, तो 1.3367 और 1.3306 के लक्ष्य के साथ शॉर्ट (Sell) पोजीशन पर विचार किया जा सकता है।
  • यदि कीमत मूविंग एवरेज के ऊपर चली जाती है, तो 1.3428 और 1.3489 के लक्ष्य के साथ लॉन्ग (Buy) पोजीशन पर विचार किया जा सकता है।

फिलहाल मंदड़िए (Bears) बिना किसी स्पष्ट कारण के भी काफी मजबूत दिखाई दे रहे हैं।

चार्ट संकेतकों की व्याख्या

  • Linear Regression Channels: मौजूदा ट्रेंड की दिशा और उसकी मजबूती का संकेत देते हैं। यदि दोनों चैनल एक ही दिशा में हों, तो ट्रेंड मजबूत माना जाता है।
  • Moving Average (20,0, Smoothed): अल्पकालिक ट्रेंड और ट्रेडिंग की दिशा निर्धारित करने में सहायता करता है।
  • Murray Levels: संभावित लक्ष्य (Targets) और करेक्शन (Corrections) के स्तर दर्शाते हैं।
  • Volatility Levels (लाल रेखाएँ): मौजूदा अस्थिरता के आधार पर आने वाले दिनों में संभावित प्राइस रेंज का संकेत देती हैं।
  • CCI (Commodity Channel Index): यदि यह -250 से नीचे (Oversold) या +250 से ऊपर (Overbought) पहुंचता है, तो यह विपरीत दिशा में ट्रेंड बदलने (Trend Reversal) की संभावना का संकेत देता है।
Analyst InstaForex
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