
इस समीक्षा के शीर्षक में, जो देखने में सामान्य और काफी हद तक तथ्यात्मक लगता है, व्यंग्य और विडंबना की अच्छी-खासी मात्रा छिपी हुई है।
मंगलवार को Axios ने अपनी एक और अंदरूनी (इनसाइडर) रिपोर्ट में दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थ एक बार फिर दोनों पक्षों के सामने युद्धविराम (सीज़फायर) का प्रस्ताव रख रहे हैं। इस बार 10 दिनों के लिए।
लेकिन सवाल यह है कि यदि यह युद्धविराम भी टूट जाता है, तो उसके बाद क्या होगा? क्या फिर 3 दिन, 12 घंटे या 45 मिनट का नया युद्धविराम प्रस्तावित किया जाएगा?
Axios की रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्धविराम का उद्देश्य होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना और दोनों देशों के बीच बातचीत बहाल करना है। लेकिन यहां एक ही सवाल उठता है—क्या तेहरान ने वास्तव में इस प्रस्ताव को देखा या स्वीकार किया है?
अमेरिकी मीडिया या स्वयं राष्ट्रपति की ओर से आने वाली लगभग 80 प्रतिशत जानकारी को तेहरान एक घंटे के भीतर खारिज कर देता है। फिर किसने यह कहा कि ईरान एक और युद्धविराम चाहता है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए तैयार है?
मान लेते हैं कि यह दावा सही है। तब सवाल उठता है कि ईरान के जलडमरूमध्य खोलने के बदले अमेरिका को कौन-सी रियायतें देनी होंगी?
दिलचस्प बात यह है कि इस मुद्दे पर न तो ईरान और न ही अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
कुछ पत्रकारों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के सामने इस समय ईरान को लेकर केवल दो विकल्प हैं—या तो दबाव बढ़ाकर व्यापक अभियान चलाया जाए, ताकि ईरान को झुकने पर मजबूर किया जा सके, या फिर एक बार फिर बातचीत की मेज पर लौटा जाए।
शायद यह बात कुछ लोगों के लिए नई हो, लेकिन वास्तव में ये दोनों विकल्प हमेशा से ट्रंप के सामने मौजूद रहे हैं। चाहे एक महीना पहले की बात हो, दो महीने पहले की या तीन महीने पहले की—हर समय तनाव बढ़ाने (Escalation) और शांति वार्ता के बीच चुनाव मौजूद रहा है।
समस्या यह है कि इस विश्लेषण के अनुसार, ट्रंप ने इस संघर्ष की शुरुआत तो की, लेकिन अब व्हाइट हाउस के नेता इसे अपनी इच्छानुसार समाप्त नहीं कर पा रहे हैं।
इस दृष्टिकोण के अनुसार, वॉशिंगटन सैन्य कार्रवाई के जरिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करने में सफल नहीं हुआ है, और न ही वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलकर उस पर नियंत्रण स्थापित कर सका है।
ऐसी स्थिति में ट्रंप के पास अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए और कौन-से प्रभावी साधन बचे हैं? इस लेख के लेखक का मानना है कि लगभग कोई नहीं।
लेख के अनुसार, ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध अपेक्षित प्रभाव नहीं डाल पाए हैं, सैन्य अभियान निर्णायक परिणाम नहीं दे रहा है, और बातचीत बार-बार विफल हो रही है। लेखक के निष्कर्ष के अनुसार, यह स्थिति अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए पूर्णतः गतिरोध (Deadlock) में बदल गई है।
वह पीछे हटने (Retreat) का विकल्प नहीं चुन सकते, क्योंकि ऐसा होने पर पूरी दुनिया समझ जाएगी कि अमेरिका यह युद्ध हार गया है, वह भी बुरी तरह।
तनाव बढ़ाने (Escalation) का विकल्प ज़रूर मौजूद है, लेकिन वह केवल मजबूरी और हताशा में ही अपनाया जा सकता है।
इसलिए, सबसे अधिक संभावना यही है कि मध्य-पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ेगा, लेकिन उससे भी कोई निर्णायक परिणाम नहीं निकलेगा।
संभव है कि एक महीने बाद दोनों पक्ष फिर बातचीत की मेज़ पर लौट आएं और डेढ़ महीने बाद दोबारा संघर्ष शुरू हो जाए। यह सिलसिला इसी तरह लंबे समय तक चलता रह सकता है।
मेरे विचार में, मध्य-पूर्व का यह युद्ध एक दीर्घकालिक संघर्ष बनने की ओर बढ़ रहा है।
EUR/USD का वेव विश्लेषण (Wave Picture for EUR/USD)
EUR/USD के विश्लेषण के आधार पर मेरा निष्कर्ष है कि यह मुद्रा जोड़ी अभी भी दीर्घकालिक रूप से एक तेजी (Uptrend) वाले ट्रेंड में बनी हुई है, जबकि अल्पकालिक रूप से यह गिरावट (Downtrend) के चरण में है।
मेरे अनुसार, लॉन्ग (Buy) पोज़िशन बनाने की शुरुआत करने का यह उपयुक्त समय हो सकता है। हालांकि, C की वेव 5 के दौरान कीमत अभी भी 1.13 के स्तर तक गिर सकती है।
वेव विश्लेषण अक्सर अप्रत्याशित मोड़ ले सकता है, इसलिए मैं इस समय धीरे-धीरे खरीदारी (Buying) की ओर रुख करने की सलाह दूंगा।
GBP/USD का वेव विश्लेषण (Wave Picture for GBP/USD)
GBP/USD की वेव संरचना अब काफी जटिल हो गई है।
वर्तमान में इस मुद्रा जोड़ी ने तीन गिरावट वाली वेव्स बनाई हैं, जबकि EUR/USD संभवतः पांच वेव्स पूरी कर चुका है।
इसका मतलब है कि ब्रिटिश पाउंड में भी यूरो की तरह एक और गिरावट वाली वेव बन सकती है, लेकिन यह नई तेजी वाली ट्रेंड संरचना की दूसरी वेव हो सकती है।
इस कारण यूरो और पाउंड की वेव संरचनाओं में अंतर बना रहेगा, लेकिन यह अंतर बहुत बड़ा नहीं होगा।
इसी आधार पर, निकट भविष्य में मैं कुछ और गिरावट (Pullback) की उम्मीद करता हूं, जिसके बाद एक नई तेजी (Uptrend) शुरू हो सकती है। इसके शुरुआती लक्ष्य 1.37–1.38 के स्तर के आसपास हो सकते हैं।
मेरे विश्लेषण के मुख्य सिद्धांत
- वेव संरचना हमेशा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए। बहुत जटिल वेव पैटर्न पर ट्रेड करना कठिन होता है, क्योंकि वे बार-बार बदल सकते हैं।
- यदि बाजार की दिशा को लेकर पर्याप्त भरोसा न हो, तो ट्रेड में प्रवेश न करना ही बेहतर होता है।
- बाजार की दिशा को लेकर कभी भी 100% निश्चितता नहीं हो सकती। इसलिए हमेशा स्टॉप-लॉस (Stop-Loss) का उपयोग करें।
- वेव विश्लेषण को अन्य प्रकार के तकनीकी विश्लेषण और ट्रेडिंग रणनीतियों के साथ मिलाकर उपयोग किया जा सकता है।