क्या बॉन्ड बाजार केंद्रीय बैंकों की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले सकते हैं? स्वैप बाजार अगले एक साल के दौरान वैश्विक स्तर पर समन्वित ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चक्र का संकेत दे रहे हैं। वहीं, अमेरिका, यूरोप और जापान में लंबी अवधि के बॉन्ड पर प्रतिफल कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है।
केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों की स्थिति

बॉन्ड पर प्रतिफल इतना बढ़ गया है कि फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श ने भी स्वीकार किया है कि फेडरल फंड्स दर को पहले की उम्मीद के मुताबिक आक्रामक तरीके से बढ़ाने की जरूरत शायद न पड़े। बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने भी इसी तरह के संकेत दिए हैं। जब कर्ज लेना महंगा हो जाता है, तो यह अर्थव्यवस्था पर ब्रेक लगाने जैसा काम करता है, जिससे आर्थिक गतिविधियां और महंगाई अपने आप धीमी पड़ सकती हैं।
यह तर्क उचित लगता है, लेकिन बाजार की ब्याज दरें सख्त मौद्रिक नीति की जगह नहीं ले सकतीं। यदि केंद्रीय बैंक ऊंचे बॉन्ड प्रतिफल को कुछ न करने का कारण बनाते हैं, तो उनकी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचने का जोखिम है।
डॉलर इंडेक्स लगातार चौथे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ और इस अवधि में इसमें लगभग 3% की तेजी आई। यह 2025 की शुरुआत के बाद इसका सबसे अच्छा प्रदर्शन है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर प्रतिफल हाल के उच्चतम स्तरों की ओर बढ़ गया है। वहीं, कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के आंकड़ों के अनुसार, सट्टा कारोबार करने वाले ट्रेडरों के पास डॉलर में तेजी पर आधारित 35 अरब डॉलर से अधिक की पोजीशन हैं।
अन्य मुद्राओं की तुलना में डॉलर की स्थिति

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच तेल की ऊंची कीमतें और दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की उम्मीदें डॉलर को समर्थन दे रही हैं। अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अमेरिका में ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की क्षमता भी डॉलर को मजबूती देती है। डॉलर में तेजी की उम्मीद रखने वालों के लिए यह एक मजबूत तर्क है।
सितंबर के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों से ट्रेडरों को नया संकेत मिलेगा। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से अधिक आते हैं, तो फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक रुख अपनाने की संभावना के आधार पर डॉलर खरीदने का एक कारण मिलेगा। इसके विपरीत, कमजोर आंकड़े डॉलर की तेजी को ठंडा कर सकते हैं।
डॉयचे बैंक का मानना है कि अगले साल बाजारों के लिए सबसे बड़ा प्रणालीगत जोखिम फ्रांस नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम में आने वाली कोई अप्रत्याशित विफलता है। बैंक ने ब्रुकिंग्स के एक अनुमान का हवाला दिया है, जिसके अनुसार डेटा सेंटरों में किए गए निवेश को उचित ठहराने के लिए कंपनियों को 2032 तक सालाना 3.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की कमाई करनी होगी। बैंक के अनुसार, कुछ चुनिंदा कंपनियों और क्षेत्रों में निवेश का अत्यधिक संकेंद्रण डॉलर के लिए सबसे बड़ा ऐसा जोखिम है, जिस पर बाजार का पर्याप्त ध्यान नहीं है।
गोल्डमैन सैक्स ने डॉलर की तेजी को समर्थन देने वाले तीन प्रमुख कारक बताए हैं: ब्याज दरों का अंतर, अमेरिकी शेयर बाजार और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की श्रेष्ठ स्थिति तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहना। बैंक का मानना है कि ऊर्जा और AI ही ऐसे क्षेत्र हैं, जो वास्तव में दीर्घकालिक संरचनात्मक रुझानों को दर्शाते हैं। इसके अनुसार, EUR/USD में गिरावट बुनियादी आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर उचित स्तर से अधिक हो सकती है।
हालांकि, गोल्डमैन सैक्स ने डॉलर के लिए संभावित जोखिमों से भी इनकार नहीं किया है। अमेरिका का बड़ा बजट घाटा और नीतिगत अनिश्चितता मौजूदा स्थिति को बदल सकते हैं।

अगर बाजार वास्तव में केंद्रीय बैंकों का काम करने लगें, तो यदि यह दांव गलत साबित होता है, तो इसकी कीमत किसे चुकानी पड़ेगी?
तकनीकी दृष्टि से, दैनिक चार्ट पर EUR/USD में एक पिन बार बना, जिसने शॉर्ट पोजीशन बढ़ाने का अवसर दिया। यदि यह जोड़ी 1.1165 के स्तर से नीचे गिरती है, तो इसे गिरावट का रुझान दोबारा शुरू होने का संकेत माना जा सकता है। इससे पहले बताए गए 1.1000 और 1.0870 के लक्ष्यों की ओर बिकवाली करने का एक नया आधार भी मिलेगा।