
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में तेजी का रुझान लगातार बना हुआ है और यह दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। हालाँकि, इसके बाद तेजी आगे नहीं बढ़ पाई है। बाजार के प्रतिभागी फेडरल रिज़र्व की महत्वपूर्ण दो दिवसीय फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) बैठक के नतीजे आने तक इंतजार करने की रणनीति अपना रहे हैं।
फेड बुधवार को अपना फैसला घोषित करेगा। उम्मीद है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालाँकि, बाजार का मुख्य ध्यान बैठक के साथ जारी होने वाले बयान और बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेड चेयरमैन की टिप्पणियों पर रहेगा। इसके अलावा, गुरुवार को जारी होने वाले अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आँकड़े—तीसरी तिमाही (Q3) के GDP का प्रारंभिक अनुमान और व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मूल्य सूचकांक—फेड की भविष्य की मौद्रिक नीति के बारे में और संकेत दे सकते हैं।
फेड के अधिकारियों ने हाल ही में संकेत दिया है कि फिलहाल ब्याज दरें बढ़ाने की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद, बाजार दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की लगभग 80% संभावना मानकर चल रहा है। ऊर्जा की ऊँची कीमतों से जुड़ी महँगाई की चिंताएँ मौद्रिक नीति को और सख्त किए जाने की उम्मीदों को समर्थन दे रही हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में हाल ही में आई गिरावट के बाद हुई रिकवरी भी डॉलर को समर्थन दे रही है। यील्ड तीन सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गई थी। इसके साथ ही, लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितता भी अमेरिकी डॉलर को मजबूती दे रही है।
तकनीकी विश्लेषण
तकनीकी दृष्टिकोण से DXY में तेजी का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। यह सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहा है।
- तत्काल रेजिस्टेंस: 102.60 और इस महीने का उच्चतम स्तर।
- पहला सपोर्ट: 102.00 का मनोवैज्ञानिक स्तर।
- अगला सपोर्ट: 101.80।
- गहरी गिरावट की स्थिति में: इंडेक्स इस महीने के लगभग 101.40 के निचले स्तर को दोबारा परख सकता है।
ऑसिलेटर भी सकारात्मक संकेत दे रहे हैं, इसलिए फिलहाल बाजार में खरीदारों का पलड़ा भारी है।
नीचे दी गई तालिका में मौजूदा सप्ताह के दौरान प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में हुए प्रतिशत बदलाव दिखाए गए हैं। यूरो के मुकाबले डॉलर का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा है।

निष्कर्षतः, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) के लिए फिलहाल ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना अधिक दिखाई देती है। हालाँकि, बाजार के प्रतिभागियों को सावधानी बरतनी चाहिए और फेड की बैठक के नतीजों तथा प्रमुख आर्थिक आँकड़ों के जारी होने के बाद बनने वाली सभी संभावित परिस्थितियों पर विचार करना चाहिए।