बिटकॉइन में फिलहाल काफी धीमी गिरावट जारी है, जो आगे चलकर एक बड़ी गिरावट (क्रैश) का रूप ले सकती है। अभी के लिए यह गिरावट एक सामान्य करेक्शन (Correction) जैसी दिखाई दे रही है, लेकिन बिटकॉइन की कीमत लगातार नीचे खिसक रही है।
ध्यान रहे कि इस बात की भी एक अच्छी-खासी संभावना है कि गिरावट का ट्रेंड (Downtrend) पहले ही समाप्त हो चुका हो। हालांकि, नए तेजी के ट्रेंड (Bull Trend) की शुरुआत के पीछे क्या कारण हैं, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है और इस पर बहस हो सकती है।
पिछले तीन महीनों में बिटकॉइन की तेजी मूल रूप से डेली साइडवेज चैनल (Daily Sideways Channel) की निचली सीमा से ऊपरी सीमा तक की एक चाल थी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पहले चैनल की निचली सीमा पर और फिर ऊपरी सीमा पर एक डिविएशन (Deviation) बना था।
ऊपरी सीमा पर बना डिविएशन काफी गहरा था। लेकिन अगर यह वास्तव में एक डिविएशन था, तो बिटकॉइन जल्द ही 70,800 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ सकता है। इसके बाद कीमत दोबारा साइडवेज चैनल के भीतर कारोबार कर सकती है और आगे की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।
इस बार मदद एक अप्रत्याशित स्रोत से मिली है।
पिछले कई हफ्तों से हम ट्रेडर्स को चेतावनी दे रहे हैं कि क्रिप्टो मार्केट में गिरावट आने के कारण, तेजी आने के कारणों की तुलना में कहीं अधिक हैं।
रातोंरात बाजार को एक बड़ा झटका लगा: दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर हैकिंग का हमला हुआ।
विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, हैकर्स ने लगभग 6 अरब डॉलर मूल्य के टोकन चुरा लिए। इसके अलावा निवेशकों और ट्रेडर्स ने लगभग 4 अरब डॉलर की अतिरिक्त रकम एक्सचेंज से निकाल ली। इस तरह केवल 10–12 घंटों में एक्सचेंज से कुल लगभग 10 अरब डॉलर की पूंजी बाहर चली गई।
ऐसी परिस्थितियों में निवेशकों द्वारा पैसा निकालना कोई हैरानी की बात नहीं है। अगर दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंज को ही हैक कर लिया जाता है, तो निवेशक अपने फंड निकालना शुरू कर देंगे। हमारा अनुमान है कि आज भी यह प्रक्रिया जारी रह सकती है।
इस घटना का व्यापक प्रभाव और भी अधिक चिंताजनक है।
अगर दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज को भी हैक किया जा सकता है और निवेशकों की क्रिप्टोकरेंसी चोरी हो सकती है, तो इससे निजी क्रिप्टो वॉलेट (Private Wallets) की सुरक्षा को लेकर क्या संकेत मिलता है?
जब पर्याप्त शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) तकनीक उपलब्ध हो जाएगी, तब क्या होगा?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से आगे बढ़ रही है और इसकी क्षमताएं हर दिन बढ़ रही हैं।
AI के समर्थक एक ऐसे समृद्ध भविष्य का वादा करते हैं, जहां AI सारा काम करेगी और इंसान आराम से अपनी जिंदगी का आनंद लेंगे। लेकिन व्यावहारिक रूप से हम देख रहे हैं कि इन तकनीकों का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है और इन्हें क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
याद रखिए, भौतिक सोना (Physical Gold) चुराना बेहद मुश्किल होता है, बल्कि कई परिस्थितियों में लगभग असंभव हो सकता है। इसके विपरीत, किसी सॉफ्टवेयर कोड या डिजिटल संपत्ति की चोरी करना कहीं ज्यादा आसान है।
आज दुनिया को एक बार फिर इस बात की स्पष्ट याद दिलाई गई है कि सुरक्षा और मजबूती के मामले में कौन-सी संपत्ति अधिक भरोसेमंद है।
BTC/USD का 1D टाइमफ्रेम पर सामान्य विश्लेषण
डेली टाइमफ्रेम (Daily Timeframe) पर गिरावट के ट्रेंड का स्ट्रक्चर टूट चुका है। इसलिए संभावना है कि "डिजिटल गोल्ड" यानी बिटकॉइन अब एक नए तेजी के ट्रेंड (Bullish Trend) के बनने की प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है।
कीमत ने पिछले ट्रेंड के दौरान बने बेयरिश FVG (Fair Value Gap) को पूरा किया और उस पैटर्न पर प्रतिक्रिया दी। इसके बाद उम्मीद के मुताबिक बाजार में करेक्शन (Correction) शुरू हो गया।
हालांकि, सितंबर में $60,000–$82,500 के साइडवेज चैनल (Sideways Channel) से ऊपर निकला ब्रेकआउट अभी भी एक डिविएशन (Deviation) हो सकता है।
यह डिविएशन, बेयरिश FVG पर मिली प्रतिक्रिया के साथ मिलकर, बिटकॉइन की कीमत को साइडवेज चैनल की निचली सीमा की ओर धकेल सकता है।
पिछले बेयरिश FVG के अंदर एक और सेल सिग्नल (Sell Signal) बना है।
इसके अलावा, एक बेयरिश ऑर्डर ब्लॉक (Bearish Order Block) भी बना है, जो बाजार में गिरावट की ओर संकेत कर रहा है और आगे एक अन्य सेल सिग्नल उत्पन्न कर सकता है।
सरल शब्दों में: डेली चार्ट पर तेजी का ट्रेंड बनने की संभावना है, लेकिन FVG, Deviation और Bearish Order Block अभी भी नीचे की ओर करेक्शन या बड़ी गिरावट का संकेत दे रहे हैं।
BTC/USD का 4H टाइमफ्रेम पर सामान्य विश्लेषण
4 घंटे के टाइमफ्रेम (4H Timeframe) पर गिरावट का स्ट्रक्चर लगातार बन रहा है। फिलहाल CHOCH लाइन $87,000 के स्तर पर है।
डेली टाइमफ्रेम (Daily TF) पर नीचे की ओर ट्रेंड रिवर्सल के सभी जरूरी संकेत मिल चुके हैं, जिससे ट्रेडर्स को शॉर्ट पोजीशन (Short Positions) खोलने का अवसर मिला।
बिटकॉइन के संभावित टारगेट निर्धारित करने के लिए डेली साइडवेज चैनल को देखना सबसे बेहतर होगा, क्योंकि हमारे अनुसार यह चैनल अभी भी प्रासंगिक है।
4 घंटे के टाइमफ्रेम पर बिटकॉइन आखिरकार साइडवेज चैनल से बाहर निकल चुका है, जैसा कि हमने पहले अनुमान लगाया था।
इसलिए, निकट भविष्य में ट्रेडर्स स्थानीय बेयरिश पैटर्न (Local Bearish Patterns) का इस्तेमाल करके शॉर्ट पोजीशन खोल सकते हैं।
BTC/USD के लिए ट्रेडिंग सुझाव
बिटकॉइन में नए तेजी के ट्रेंड (Bullish Trend) की शुरुआत के संकेत दिखाई दे रहे हैं। आमतौर पर ऐसा ट्रेंड बिना किसी स्पष्ट या ठोस कारण के अचानक आई तेज उछाल (Pump) के साथ शुरू हुआ है।
हालांकि, निकट भविष्य में डेली टाइमफ्रेम पर बिटकॉइन में गिरावट जारी रह सकती है, क्योंकि कीमत ने पिछले दो बेयरिश FVGs पर प्रतिक्रिया दी है और एक बेयरिश ऑर्डर ब्लॉक (Bearish Order Block) भी बनाया है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि डेली साइडवेज चैनल के ऊपर हुआ ब्रेकआउट एक डिविएशन (Deviation) हो सकता है। हां, यह काफी गहरा डिविएशन है, लेकिन फिर भी इसे डिविएशन ही माना जा सकता है।
अगर ऐसा होता है, तो बिटकॉइन की कीमत $70,800 के स्तर तक गिर सकती है और पिछले साल शुरू हुआ डाउनट्रेंड भी जारी रह सकता है।
हमारा मानना है कि निकट भविष्य में शॉर्ट पोजीशन (Short Positions) खोलना सबसे अधिक प्रासंगिक ट्रेडिंग रणनीति है।
चार्ट में इस्तेमाल किए गए संकेतों की व्याख्या
1. CHOCH (Change of Character) — ट्रेंड के स्वरूप में बदलाव
यह ट्रेंड के स्ट्रक्चर में बदलाव या उसके टूटने को दर्शाता है। इससे संभावित ट्रेंड रिवर्सल का संकेत मिल सकता है।
2. Liquidity (लिक्विडिटी)
इसका अर्थ बाजार में मौजूद स्टॉप-लॉस (Stop-Loss) और पेंडिंग ऑर्डर्स (Pending Orders) से है, जिनका इस्तेमाल मार्केट मेकर्स अपनी पोजीशन बनाने के लिए करते हैं।
3. FVG (Fair Value Gap) — कीमत में असंतुलन का क्षेत्र
यह वह क्षेत्र होता है जहां कीमत बहुत तेजी से आगे बढ़ती है और बाजार में किसी एक पक्ष की भागीदारी कम दिखाई देती है।
इसके बाद कीमत अक्सर वापस इस क्षेत्र में आती है और वहां प्रतिक्रिया देने के बाद मुख्य ट्रेंड की दिशा में आगे बढ़ती है।
4. IFVG (Inverted Fair Value Gap) — उलटा फेयर वैल्यू गैप
जब कीमत दोबारा इस क्षेत्र में आती है, लेकिन वहां रुककर प्रतिक्रिया देने के बजाय तेजी से इसे पार कर जाती है और फिर दूसरी दिशा से इसे दोबारा टेस्ट करती है, तो इसे IFVG कहा जाता है।
5. OB (Order Block) — ऑर्डर ब्लॉक
यह वह कैंडल होती है जहां मार्केट मेकर लिक्विडिटी हासिल करने के उद्देश्य से पोजीशन खोलता है और उसके बाद विपरीत दिशा में अपनी पोजीशन स्थापित करता है।

