अमेरिकी श्रम बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण दबाव के शुरुआती संकेत दिखाई दे रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों का अनुमान है कि रोजगार पर न्यूरल नेटवर्क का प्रभाव अब आँकड़ों में दिखाई देने लगा है, हालाँकि अभी तक बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छँटनी नहीं हुई है।
ऑटोमेशन से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले व्यवसायों में पिछले तीन महीनों के दौरान भर्ती की संख्या दीर्घकालिक रुझान की तुलना में लगभग 10,000 नौकरियाँ कम रही। हालाँकि, निर्माण क्षेत्र की गतिविधियों ने इस कमी की पूरी भरपाई कर दी है। AI के लिए नए बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं और डेटा सेंटरों ने पर्याप्त नौकरियाँ पैदा की हैं, जिससे कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरियों में हुई कमी की भरपाई हो गई है। एल्गोरिदम अपनाने से जुड़ी नौकरी कटौती की सार्वजनिक घोषणाओं में इस वसंत के दौरान जो तेजी आई थी, वह अब पीछे छूटती दिखाई दे रही है।
वॉल स्ट्रीट को लंबी अवधि में रोजगार पर अधिक गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। अर्थशास्त्रियों की गणना के अनुसार, यदि AI समग्र उत्पादकता में 15% की वृद्धि करता है, तो लगभग 9% कर्मचारियों को अस्थायी रूप से अपना रोजगार खोना पड़ सकता है या उन्हें दूसरी नौकरी तलाशनी पड़ सकती है। इसके अतिरिक्त, नई भर्तियों पर रोक लगने के कारण 3% और नौकरियाँ जोखिम में पड़ सकती हैं। ऐतिहासिक आँकड़े भी इस रुझान का समर्थन करते हैं। पिछली तकनीकी क्रांतियों के दौरान, प्रभावित व्यवसायों में पाँच वर्षों के भीतर औसतन लगभग 25% रोजगार कम हो गया था।
फिलहाल, दो प्रमुख कारण बड़े पैमाने पर रोजगार संकट को रोक रहे हैं। पहला, अमेरिका की केवल 23% कंपनियाँ ही अपने दैनिक कार्यों में AI का उपयोग कर रही हैं। दूसरा, अर्थव्यवस्था की समग्र मजबूती कंपनियों को अचानक कर्मचारियों की छँटनी किए बिना नई तकनीक के अनुसार खुद को ढालने का अवसर दे रही है।
हालाँकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि मंदी आने पर स्थिति बदल सकती है। आर्थिक गिरावट कंपनियों को ऑटोमेशन की प्रक्रिया तेज करने और कर्मचारियों की संख्या में अधिक गहरी कटौती करने के लिए मजबूर कर सकती है।