
**बुधवार को, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल 61.00 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर कूद गया, और लगभग महत्वपूर्ण 200‑डे साधारण चलती औसत (SMA) तक पहुँचा, यह संकेत देता है कि खरीदार बाजार में सक्रिय हैं। WTI के कोट दो महीनों में सबसे उच्च स्तर तक पहुंचे हैं, मुख्य रूप से मध्य पूर्व में भू‑राजनीतिक तनाव के बीच आपूर्ति में संभावित व्यवधान की आशंकाओं के कारण। विशेष रूप से ईरान में नागरिक प्रदर्शनों और अमेरिका–तेहरान तथा टेल अवीव के बीच बढ़ी हुई जुबानी कड़वाहट ने सप्लाई डिसरप्शन के जोखिम को बाजार में उभार दिया है। चूंकि ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में से एक है, उसके उत्पादन या निर्यात में किसी भी जोखिम का प्रभाव तुरंत कीमतों में दिखता है।
बाज़ार ने प्रधानमंत्री डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी पर भी प्रतिक्रिया दी है। ऐसे उपायों का वास्तविक असर शिपमेंट वॉल्यूम पर अनिश्चित होने के बावजूद, इससे भू‑राजनीतिक जोखिम प्रीमियम बढ़ गया है, जिससे तेल की कीमतें ऊँची बनी हुई हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि मौजूदा हालात में तेल कीमतों की बढ़त आपूर्ति‑और‑मांग के मूलभूत कारणों की तुलना में भू‑राजनीतिक कारकों से अधिक प्रेरित हो रही है। इसी समय, वेनेज़ुएला से आपूर्ति की आंशिक बहाली की उम्मीदें रैली को सीमित करने में मदद कर रही हैं। धन‑आपूर्ति बहाली, जैसे कि वेनेज़ुएला के निर्यात का फिर से शुरू होना, कुछ हद तक बाजार में सप्लाई की कमी के डर को कम कर रहा है।
तकनीकी दृष्टिकोण से, 200‑डे SMA अब एक महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर है—अगर कीमत इससे ऊपर बंद होती है तो आगे तेजी तेज़ हो सकती है। वहीं, **61.00 का गोल स्तर **समर्थन के रूप में काम कर रहा है—इसके नीचे गिरने पर मंदी का दबदबा बढ़ सकता है। फिलहाल, दैनिक चार्ट पर संकेतक सकारात्मक बने हुए हैं, और बुल्स (खरीदार) नियंत्रण में दिख रहे हैं।
बाजार की निकट अवधि की दिशा ईरान में राजनीतिक घटनाओं और वेनेज़ुएला के निर्यात के पैमाने के संकेतों पर निर्भर बनी रहेगी